कुपोषण Malnutrition

कुपोषण Malnutrition

कुपोषण Malnutrition

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कुपोषण Malnutrition के बारे में पूरी तरह समझने के लिये सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि यह आखिर होता क्या है । यदि सरल शब्दों में कुपोषण Malnutrition का अर्थ बताया जाये तो कुपोषण Malnutrition वह अवस्था है जिसमें पौष्टिक पदार्थ और भोजन अव्यवस्थित रूप से लेने के कारण शरीर को पूरा पोषण नही मिल पाता है और शरीर कुपोषण Malnutrition का शिकार हो जाता है । अधिकतर लोग यह समझते हैं कि जिन लोगों को पौष्टिक भोजन नही मिलता केवल वो ही कुपोषण Malnutrition के रोगी होते हैं किंतु ऐसा नही है कुपोषण Malnutrition उन लोगों को भी हो सकता है जिनको पौष्टिक भोजन तो मिलता है लेकिन उनकी आहार शैली सही नही होती है । उदाहरण के लिये जैसे कि दूध तो मिलता है पीने के लिये लेकिन उस दूध को सही तरह से रखा और उबाला नही गया हो और सेवन भी दूध के खराब होने की शुरुआत में किया गया हो तो ऐसे इंसान दूध तो पी रहे हैं किंतु दूध का पोषण उनको नही मिल पा रहा है । इसी तरह खाने-पीने की सभी चीजों के पोषक तत्व नष्ट होने पर उनका सेवन किया जाये तो ऐसा व्यक्ति कुपोषण Malnutrition का शिकार हो सकता है । बड़ों की तुलना में बच्चों को और पुरूषों की तुलना में महिलाओं को कुपोषण Malnutrition की शिकायत अधिक होती है । होने को यह किसी भी आयु में हो सकता है ।
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कुपोषण Malnutrition के विभिन्न कारण :-

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कुपोषण Malnutrition के बहुत से कारण हो सकते हैं जिनमें से प्रमुख कारणों का वर्णन निम्न प्रकार है ।
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1:- अपर्याप्त भोजन :- शरीर को पोषण मिलने का प्रमुख माध्यम भोजन ही होता है । हर आयु-वर्ग में अपनी-अपनी कार्यशैली के अनुसार पोषण की अलग अलग मात्रा में जरूरत होती है । यदि भोजन में पोषण की मात्रा जरूरी स्तर से कम होती है और लगातार काफी समय तक ऐसा ही कम पोषक तत्वों वाला भोजन किया जाये तो कुपोषण Malnutrition रोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है ।
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2 :- गलत भोजन :- यदि स्वास्थय के नजरिये से देखा जाये तो कुछ भोज्य पदार्थ खाने में तो स्वादिस्ट होते हैं किंतु स्वास्थय के लिये बहुत हानिकारक होते हैं । इन भोज्य पदार्थों के सेवन से पेट तो अच्छे से भर जाता है किंतु इनमें पोषण की मात्रा बहुत कम होती है साथ ही ये पाचन तंत्र की क्रियाशीलता को भी खराब करते हैं । आजकल बहुतायत में सेवन किये जाने वाले जंक-फूड़, फास्ट-फूड़ और इसी तरह के अन्य अटरम-षटरम पदार्थ खानें पर सिर्फ पेट को ही भरते हैं किंतु पोषण के नाम पर ये शून्य होते हैं । जिस कारण से इनको खाने वाला धीरे-धीरे से कुपोषण Malnutrition का रोगी बनता जाता है ।
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3 :- अनुपयुक्त भोजन :- विभिन्न आयुवर्ग, कार्य-शीलता, जीवन की अलग अलग अवस्थाओं, और स्त्री/पुरुष भेद से अलग-अलग पोषक मात्रा में भोजन जरूरी होता है और विशिष्ट वर्ग में विशेष पोषक भोजन ही उपयोगी होता है । उदाहरण के लिये सामान्य स्त्री की तुलना में गर्भवती स्त्री को ज्यादा पोषण की आवश्यक्ता होती है । ऐसे ही 6 माह तक के बच्चों को दिया जाने वाला बेबीफूड़ 3 साल के बच्चे को जरूरी पोषण नही प्रदान कर सकता है । अत: अगर अवस्था के अनुसार सही पोषण ना प्राप्त हो तो कुपोषण Malnutrition की समस्या हो जाती है ।
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4 :- आर्थिक और सामाजिक कारण :- विश्व के अलग अलग भागों में मौजूद आर्थिक और सामाजिक कारण भी कुपोषण Malnutrition की समस्या का एक विशेष कारण हैं । अधिक पोषक तत्व सामान्यतः कुछ अधिक कीमत में मिलते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर लोग बस पेट भर जाये इस चिंता में कम पोषण वाला भोजन खाकर कुछ पैसे बाकि जरूरतों के लिये बचा लेने की कोशिश में रहते हैं । इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक बंधन भी कुपोषण Malnutrition होने में विशेष भूमिका निभाते हैं ।
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5 :- जागरूकता की कमी :- जागरूकता की कमी एक ऐसा कारण है जो धनाड्य और अपेक्षाकृत निर्धन वर्ग में समान रूप से कुपोषण Malnutrition पैदा करता है । अधिकाँश महिलाओं को कच्चे चावल, चॉक-खड़िया, मुल्तानी मिट्टी आदि खाने की आदत होती है और ये सब खाने में उनको विशेष स्वाद आता है और ज्यादा टोकने और मना करने पर छुप-कर खाती हैं । क्योकि उनको इस बात की जागरूकता ही नही होती कि ये सब चीजे खाने का उनका मन इसलिये करता है क्योकि वो कुपोषण Malnutrition की शिकार हैं ।
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6 :- अस्वच्छ वातावरण :- अस्वच्छ वातावरण कुपोषण Malnutrition की समस्या पैदा करने में छिपी हुयी भूमिका निभाता है । किसी जगह पर ऐसा भी होता है कि पोषण के बारे में बहुत जागरूक इन्सान उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुये बहुत अच्छी और पोषक वस्तुऐं सेवन के लिये लाता है किंतु उसके आसपास का वातावरण इतना प्रदुषित होता है कि सेवन करने से पहले ही भोज्य पदार्थों के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं । ऐसे पदार्थों का लम्बे समय तक सेवन करते रहने से पोषण की प्राप्ति नही हो पाती और शरीर में कुपोषण Malnutrition की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ।
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7 :- नींद की कमी :- नींद की कमी भी निश्चित ही कुपोषण Malnutrition को पैदा करती है । सामान्य एक वयक्ति को एक दिन-रात में आठ घण्टे की नींद चाहिये होती है और नींद पूरी ना होने से शरीर में वायु दोष की वृद्धि होती है और शरीर का मेटाबॉलिज़्म गड़बड़ होकर कुपोषण Malnutrition पैदा करता है । कई बार कार्यस्थल पर ज्यादा काम करने के कारण व्यक्ति लम्बे समय तक पर्याप्त नींद नही ले पाता है और कार्य की हड़बड़ी में भोजन भी समुचित रूप से नही करता है । ऐसे लोग सब कुछ बहुत अच्छा होने के बावजूद खुद को कुपोषण Malnutrition का रोगी बना सकते हैं ।
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कुपोषण Malnutrition दूर करने को घरेलू उपाय :-

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1 :- 50 ग्राम किश मिश रात को पानी में भिगोदे सुबह भली प्रकार चबा चबा कर खाएं। 2-3 माह के प्रयोग से कुपोषण Malnutrition दूर होगा और वजन बढेगा । किशमिश में प्रचुर मात्रा में कैलोरी पायी जाती है और फाइबर भी बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये शरीर में से कमजोरी को हटा के स्वस्थ शरीर में परिवर्तित करता है।
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2 :- भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढाएं। दालों में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है । यह कुपोषण Malnutrition को दूर करने के लिये बहुत जरूरी है ।
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3 :- दुग्ध और दुग्ध से बने उत्पादों में सभी तरह के जरूरी पोषक तत्व पाये जाते हैं । अत: यदि किसी को कुपोषण Malnutrition की समस्या हो तो उसको रोज 300-500 मि०ली० दूध जरूर देना चाहिये ।
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4 :- रोज एक कटोरी बीन्स खायें, इसमें पौष्टिकता के साथ 300 कैलोरी होती है, यह कुपोषण Malnutrition के रोगी के लिये बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकता है ।
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5 :- दुबलेपन को दूर करने के लिए अखरोट खाना भी अच्छा ऑप्शन रहेगा, क्योंकि इसमें मोनो अनसैचुरेटेड फैट होता है । यह काफी फायदेमंद होता है । चूःकि कुपोषण Malnutrition का रोगी दुबला ही होता है अत: उसके लिये यह बहुत लाभकारी होता है ।
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6 :- भरपूर नींद लें । 7-8 घंटे की नींद लेने से कुपोषण Malnutrition के रोगी को वजन बढ़ाने में मदद मिलती है ।
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7 :- अध्वगंधा चूर्ण और शतावर का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर 1 से 2 चम्मच प्रतिदिन शुद्ध दूध के साथ सोने से कुछ देर पहले लें ।
यह कुपोषण Malnutrition के रोगियों के लिये बहुत सस्ती दवाई है ।
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8 :- और भी कुछ नही तो काला देशी चना सभी के बजट और पहुँच में फिट बैठता है । यह पोषक तत्वों का बहुत ही प्रचुर और सस्ता भण्डार है । कुपोषण Malnutrition के रोगी को रोजाना लग्भग 100-200 ग्राम भुने हुये चने जरूर और जरूर खिलवायें जाने चाहियें ।

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9 :- इन सबके अतिरिक्त भारत सरकार, समस्त राज्य सरकारों के साथ मिलकर कुपोषण Malnutrition से मुक्ति पाने के लिये सभी स्वास्थय केंद्रों, आँगनबाड़ी केंद्रों, आशा मित्रों के सहयोग और माध्यम से जरूरी पोषक तत्वों ऑयरन और कैल्शियम की दवायें बिल्कुल निःशुल्क उप्लब्ध करवाती है । हर गाँव तक ये सरलता से सुलभ हैं । इनका भी नियमित सेवन किया जाना चाहिये ।

कुपोषण Malnutrition के बारे में प्रकाशित आयुर्वेद के माध्यम से दी गयी यह जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । यदि आपके आस-पास ऐसा कोई रोगी दिखाई देता है तो कृपया उसकी मदद अपने स्तर से जरूर करने की कोशिश करें क्योकि यह रोग मानवता के नाम पर एक बहुत बड़ा धब्बा है ।
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8 Comments


  1. //

    bahut hi accha laga padkar aaryuvedik nuske jisase him bhi apne parvar ya gav me logo ko malnutrition ke bare me bats sake or make free. from malnourished village .thanks


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    Bahot hi bhadiya h ye


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    ye jarrooori to nhi hai ki ye saari chize use krni hai



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    Navjaat shishu kaa bhi hona chahiye thaaaassa


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    Bhahut badiya jankari aaj yaha se mujhe mili
    Prakshitayurved ko me thanks bolna chahta hu. Mai apane Gao (village) mai aas -pas ke Gao mai jarur batan chahuga. Thanks


    1. //

      bahut bahut dhanyvad apka

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