तेजपत्ते पाचन से लेकर मधुमेह और किडनी समस्याओ को दूर करते हैं

तेजपत्ते पाचन से लेकर मधुमेह और किडनी समस्याओ को दूर करते हैं

तेजपत्ते
तेजपत्ते

खाने में जब भी एक विशिष्ट स्वाद की जरूरत होती है सबसे पहले जिस चीज की याद आती है वह है तेजपत्ता । चावल स्पेशल पकाने हों या छोले और राजमा का स्वाद बढ़ाना हो तेजपत्ता कभी निराश नही करता । लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेजपत्ते के सेवन से स्वास्थय को भी बहुत सारे लाभ होते हैं । इस लेख में हम आपको तेजपत्ता सेवन करने से मिलने वाले कुछ लाभों के बारे में बता रहे हैं । कॉपर, पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और आयरन से युक्त यह तेजपत्ता कितना लाभकारी है इस पोस्ट को पढ़कर आप जान जाओगे ।

तेजपत्ते से होता है पाचन दुरूस्त :-

तेजपत्ता के सेवन से पाचन संबंधी कई विकार दूर होते है। जिन लोगों को कब्ज, ऐंठन और पेट में एसिड़ बनने की समस्या रहती है उन्हें लिए तेजपत्ता वरदान है । उदर रोगों के इलाज के लिये बहुत सी दवाओं में तेजपत्ता बहुत प्राचीन समय से ही प्रयोग किया जाता रहा है और आज भी इसका प्रयोग कम नही हुआ है ।

तेजपत्ते से लाभ मिलता है डायबिटीज में :-

जिन व्यक्तियों को टाइप 2 डायबिटीज की समस्या है उनके लिए भी तेजपत्ता काफी फायदेमंद है । खाने में तेजपत्ते का इस्तेमाल करने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और दिल स्वस्थ होता है । एक शोध में पाया गया है कि तेजपत्ता पैंक्रियाज की बीटा सेल के ऊपर अपना काफी सकारात्मक प्रभाव दिखाता है जिस कारण शरीर को मधुमेह के रोग से लड़ने में बहुत मदद मिलती है ।

तेजपत्ते से दूर भागता है आलस :-

जिन लोगों को आलस बहुत ज्यादा आता है और सारे दिन उनका सोने को मन करता रहता है उनके लिये तेजपत्ता सेवन करना बहुत लाभकारी है । जब भी शरीर में आलस बढ़ता हुआ महसूस हो तब तेजपत्ते का चूर्ण 2 ग्राम लेकर उसमें कुछ बूँदे नीम्बू के रस की मिलाकर मुँह में डाल लें इससे शरीर सक्रिय होता है और नींद के साथ आलस का आक्रमण रुक जायेगा ।

तेजपत्ते लाभ करते हैं किडनी प्रॉबल्म में :-

तेजपत्ते का सौम्य एण्टीबॉयोटिक प्रभाव किडनी के इन्फेक्शन के लिये बहुत लाभकारी सिद्ध होता है । जिन रोगियों को किडनी में इन्फेक्शन की समस्या हो वो 200 ग्राम ताजे पानी में 2 तेजपत्ता डालकर उबाल लें । फिर उस पानी का सेवन करें। आप चाहें तो इस प्रक्रिया को रोजाना इस्तेमाल कर सकते है। इससे किडनी के सभी तरह के विकार दूर होते है।

तेजपत्ते में पाये जाते हैं एंटी-कैंसर तत्‍व :-

तेजपत्ते में कैफीक एसिड, क्‍वेरसेटिन और इयूगिनेल नामक तत्‍व होते हैं जो मेटाबोल्जिम को कैंसर जैसी घातक बीमारियों से लड़ने में मदद करते है । एक शोध में पाया गया है कि तेजपत्ता का सेवन करने वाले रोगियों को कैंसर होने की सम्भावना 60 % तक कम हो जाती है ।

तेजपत्ते होते हैं दर्द में सहायक

ऊष्ण प्रकृति का होने के कारण यह वायु का शमन करता है जिस कारण से सभी प्रकार के दर्दों में तेजपत्ता बहुत लाभकारी सिद्ध होता है । किसी भी जोड़ या अंग में दर्द होने पर तेजपत्ता तेल से मालिश करें। इससे दर्द तुरंत गायब हो जाएगा। बुढ़ापे में होने वाली कई परेशानियों को दूर करने में तेजपत्ता काफी फायदेमंद है।

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