पीलिया (Jaundice) के कारण लक्षण और उपचार

पीलिया

पीलिया (Jaundice) के कारण लक्षण और उपचार

.

कारण :-

जब शरीर में रक्त के अंदर पित्त की मात्रा विभिन्न कारणों से बढ़ जाती है तो रक्त की कमी होने लगती है और शरीर का समस्त वर्ण पीला पड़ने लगता है । जब यह पीतवर्ण ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर रोगी हो जाता है तो इस अवस्था को पीलिया बोला जाता है ।
.

लक्षण :-

शरीर के समस्त अंग पीले पीले चमकने लगते हैं । विशेष रूप से आँखों और शरीर पर पीलापन बहुत दिखायीदेता है इसके अतिरिक्त पेशाब में भी पीलापन आ जाता है । भूख कम हो जाती है और प्यास अधिक लगती है और सारे शरीर में जलन होती है ।
.

उपचार :-

1 :- छोटी हरड़ का चूर्ण लगभग 5 ग्राम लेकर उसको गुड़ की एक डली के साथ सुबह शाम देना चाहिये । साथ में एक चम्मच शहद का भी सेवन किया जा सकता है ।
2 :- दो चम्मच गिलोय का रस को बराबर मात्रा में शहद मिलाकर रोज सुबह खाली पेट दें ।
3 :- पपीते के 2-3 ताजे पत्तों को पीसकर चटनी बनाकर उबले पानी के साथ रोज सुबह और शाम को सेवन करने से पीलिया रोग में बहुत लाभ होता है ।
4 :- पीलिया के रोगी के लिये मूली के पत्तों का सेवन विशेषरूप से लाभकारी होता है ।
5 :- दिन में तीन बार गाजर और चकुंदर का जूस पीने से बहुत फायदा होता है ।
6 :- शहतूत के फल एवं रस का सेवन पीलिया के रोगी के लिये रामबाण का काम करता है ।
7 :- एक कच्चे ऑवलें का रस मिश्री के दानों के साथ सेवन करना पीलिया में परम लाभकारी माना जाता है ।
.

प्रकाशित आयुर्वेद के सौजन्य से दी गयी यह जानकारी अगर आपको अच्छी और लाभदायक उपयोगी लगी हो तो शेयर जरूर कीजियेगा ।

14254 Post Views: 6 Views:
Please follow and like us:
58

1 Comment


  1. //

    Pandu rog ka ilaj bataye

Comments are closed.