बवासीर (piles) के कारण लक्षण और उपचार

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बवासीर (piles) के कारण लक्षण और उपचार

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कारण :-

गुदा मार्ग के अंदर या बाहर रक्त के प्रवाह को वहन करने वाली शिराओं का कोई गुच्छा फूल जाता है तो गुदा के अंदर त्वचा पर उभार बन जाता है जिस पर प्राय: शुरूआत में कोई ध्यान नही देता । यह उभार ही धीरे धीरे और फूलकर बवासीर का मस्सा बन जाता है । जब इस मस्से में से खून बहना शुरू हो जाता है तो इसको खूनी बवासीर कहते हैं और यह अधिक कष्टदायी अवस्था होती है ।
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लक्षण :-

मल त्याग करते समय इन मस्सों में बहुत दर्द होता है और खूनी बवासीर में शौच के समय और शौच के बाद भी रक्त टपकता रहता है । लम्बे समय तक इस रोग के रहने से स्वाभाविक रूप से रोगी मानसिक तनाव का भी शिकार होने लगता है और डिप्रेशन में आ जाता है ।
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उपचार :-

1 :- दो सूखे अंजीर 12 घण्टे तक भिगोकर सुबह शाम खाने से बवासीर में लाभ होता है ।
2 :- जिमीकंद को भूनकर बनाया गया भुर्ता घी अथवा तेल में तलकर एक एक चम्मच रोज सुबह शाम एक महीने तक प्रयोग करें ।
3 :- पके हुये पपीते पर काली मिर्च और काला नमक डालकर रोज सुबह खाली पेट खाना चाहिये ।
4 :- सुबह खाली पेट ताजी मूली खाने और मूली के पत्तों का रस पीना भी बवासीर का एक प्रभावी उपचार है ।
5 :- इमली के बीज का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में रोज सुबह शाम गाय के दूध के साथ लेने से बहुत लाभ होता है ।
6 :- फिटकरी का फूला एक ग्राम की मात्रा में लेकर ताजी दही के साथ रोज सुबह 10 बजे से पहले खाना चाहिये ।
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