भुनी लौंग खाने से ठीक होता है सिर दर्द और भी हैं कई लाभ

भुनी लौंग खाने से ठीक होता है सिर दर्द और भी हैं कई लाभ

भुनी लौंग
भुनी लौंग

लौंग का इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है । यह स्वाद में तो तीखी होती है लेकिन इसका सेवन किसी भी मौसम में किया जा सकता है । लौंग खाने के कई फायदे है । अगर लौंग को भुनकर खाया जाए तो यह शरीर को दोगुणा फायदा पहुंचाती है । आइए जानते है रोज भुनी लौंग खाने के अनगिनत फायदे । ये जानकारी आपको अच्छी लगे तो शेयर जरूर कीजियेगा ।

भुनी लौंग खाने से मिलती है एसिडिटी से राहत :-

खाना खाने के बाद 1 भुनी हुई लौंग चबाने से एसिडिटी और सीने की जलन दूर होती है । वैसे तो इसकी तासीर कुछ गर्म होती है लेकिन इसके बावजूद यह पेट की जलन की समस्या में बहुत ही अच्छा प्रभाव दिखाती है । आयुर्वेद में वर्णित अम्लपित्त की प्रमुख दवा अविपत्तिकर चूर्ण में भी लौंग का इसलिये ही किया जाता है क्योंकि यह पेट की जलन और तेजाब की गर्मी को बहुत अच्छी तरह से कण्ट्रोल करती है ।

भुनी लौंग खाने से ठीक होती है सूखी खांसी :-

लौंग के अन्दर एक विशेष तेल पाया जाता है जिसको लौंग के तेल के नाम से बाजार में बेचा जाता है । लौंग का यह तेल सूखी खाँसी के लिये एक बहुत अच्छी दवा है । यदि लौंग को भूनकर खाया जाये तो इसमें मौजूद यह तेल पक जाता है और बार बार जोर लगाकर खाँसने से गले में आयी सूजन को खत्म करता है और वायु का शमन करके सूखी खाँसी को तो रोक ही देता है । इसके साथ यदि थोड़ा सा गुनगुना पानी पिया जाये तो और भी अच्छे परिणाम मिलते हैं । 2 लौंग भुनकर मुंह में रखने से सूखी खांसी, कफ जैसी प्रॉबल्म दूर होती है। इसके अलावा इससे गले की सूजन भी दूर रहती है।

भुनी लौंग से लाभ मिलता है दांत दर्द की परेशानी में :-

लौंग के तेल का प्रयोग दाँत में दर्द की समस्या में सदियों से किया जाता आ रहा है और सिर्फ इतना ही नही आधुनिक दंत चिकित्सक भी लौंग से विशेष तरीके से निकाला गया सत्व कैमिकल में मिलाकर दाँत के दर्द में अपने रोगियों को आराम देने के लिये प्रयोग करते हैं । भुनी लौंग में इसका तेल थोड़ा पतला हो जाता है और आसानी से दाँत के दर्द में अपना प्रभाव जल्दी ही दिखाता है । अगर दांत में तेज दर्द हो रहा है तो लौंग को भुनकर दांत के नीचे रख लें। हल्का-हल्का चबाएं। इससे दर्द दूर रहेगा।

भुनी लौंग फायदा देती है उल्टी या जी मचलाने की समस्या में :-

लौंग का अनुठा स्वाद जी साफ करता है और उल्टी की प्रक्रिया को मन्द करता है जिस कारण से यह उन लोगों के लिये बहुत लाभकारी होती है जिनको सफर के दौरान अथवा अन्य किसी कारण से बार बार जी मचलाकर उल्टी होने की समस्या होती है । सफर के दौरान या घर पर वैसे ही उल्टी और जी मचलाने जैसी दिक्कत आए तो भुनी लौंग चबाएं। इससे राहत मिलेगी।

भुनी लौंग लाभकारी है इनडाइजेशन में :-

इनडाइजेशन अर्थात पाचन ना होना । जब भी खाया हुआ भोजन पेट में ही पड़ा रहता है और उसका पाक नही होता है तब भुनी लौंग का सेवन करना गुणकारी होता है । लौंग पाचन क्रिया के लिये एक उत्प्रेरक के रूप में काम करता है जिस कारण से इनडाइजेशन की समस्या में राहत मिलती है । भुनी हुई लौंग को चुटकी भर काले नमक के साथ खाने से गैस और इनडाइजेशन प्रॉबल्म दूर होती है।

भुनी लौंग से दूर होती है मुंह की बदबू :-

लौंग में परजीवी विरोधी गुण पाये जाते हैं जिस कारण से यह मुँह में बदबू पैदा करने वाले सूक्ष्म परजीविओं को समाप्त करती है जिस कारण से मुँह में बदबू पैदा नही होती है इसके अलावा लौंग में अपनी एक विशिष्ट सुगन्ध भी होती है जो साँसों को महकाने का कार्य करती है । भुनी हुई लौंग खाने से मुंह में बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया नष्ट होते है। मुंह की बदबू हमेशा के लिए दूर रहती है।

भुनी लौंग खाने से दूर होता है सिर दर्द :-

लौंग में दर्द को दूर करने वाले गुण भी पाये जाते हैं और सिर में होने वाले दर्द में तो यह विशेष लाभ दिखाती है । चिकने पत्थर पर भुनी लौंग को ताजे पानी के साथ घिसकर और मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर इसका लेप बनाकर माथे पर लेपने से सिर दर्द कितनी भी तीव्रता का हो उसमें आराम जरूर मिलता है । यदि आपके साथ भी सिर में दर्द की समस्या रहती हो तो आप भी भुनी लौंग के इस प्रयोग से लाभ जरूर उठाइयेगा ।
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