चकुंदर से मिलने वाले स्वास्थय लाभ…..

chakundar ke laabh

चकुंदर क्या और कैसा होता है ये तो हम सभी जानते हैं । और यदि दुनिया में रहने वाले लोगों को मोटे-मोटे तौर पर दो समूहों में बाँटना हो तो उसका एक आधार ये भी हो सकता है कि दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं, एक तो वो जो चकुंदर खाते हैं और एक वो जो चकुंदर नही खाते हैं । मेरा व्यक्तिगत रूप से ये मानना है कि चकुंदर सभी को खाना चाहिये क्योकि इसमे बहुत से पोषक तत्व जैसे कि पोटाशियम, मैग्नीशियम, ऑयरन, विटामिन ए, बी-कॉम्प्लेक्स, सी, आदि पाये जाते हैं । इतने सारे पोषक तत्वों के साथ यह हमारे स्वास्थय के लिये किस तरह लाभकारी है पढ़िये इस पोस्ट में प्रकाशित आयुर्वेद के सौजन्य से ।
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1 :- याद्दाशत बढ़ाये :- बढ़ती उम्र के साथ साथ मुख्यतः पुरूषों में डिमेंशिया अर्थात याद ना रख पाने की समस्या हो जाती है । कई बार कम उम्र में भी काम की हड़बड़ी के चक्कर में अक्सर लोग कुछ कुछ भूल जाते हैं । ऐसी दशा में चकुंदर का नियमित सेवन लाभ पहुँचा सकता है । यह मस्तिष्क तक ताजा रक्त की सप्लाई को बढ़ाता है जिस कारण मस्तिष्क सुचारू रूप से काम करता है और भूलने की समस्या कम होती है
दोनों समय के भोजन के साथ सलाद के रूप में कम से कम 30- 30 ग्राम चकुंदर का सेवन जरूर करें ।
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2 :- हड्डियों को मजबूत करे :- चकुंदर में प्राकृतिक मिनरल सिलिका पाया जाता है जो शरीर में मौजूद कैल्शियम को अवशोषित कर हड्डियों को मजबूत करता है । अतः नियमित तौर पर चकुंदर का सेवन करना हड्डियों के कमजोर होने और हड्डियों के खोखला होने की दशा में बहुत लाभकारी होता है । चकुंदर में हड्डियों के लिये मददगार अन्य तत्व जैसे कि मैग्निशियम, विटामिन सी, और फोलेट भी पाये जाते हैं
दिन भर में कम से कम 100 ग्राम तक चकुंदर का सेवन किया जाना चाहिये ।
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3 :- कोलेस्ट्रॉल को कम करे :- चकुंदर में घुलनशील फाईबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिस कारण से यह बढ़े कोलेस्ट्रॉल के रोगियों के लिये बहुत ही लाभकारी होता है । यह घुलनशील फाईबर कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिये बहुत उपयोगी पाया गया है
रोज सुबह चकुंदर का जूस 50 मि०ली०, एलो-वीरा का जूस 25 मि०ली० और सेंधा नमक 3 ग्राम मिलाकर खाली पेट पिये । ध्यान रखें कि सेंधा नमक मिलाये साधारण नमक नही ।
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4 :- पोषण प्रदान करता है :- चकुंदर पोषण का प्रधान स्रोत है । अच्छा पोषण प्रदान करके यह शरीर को रोगों से लड़ने के लिये मजबूत भी बनाता है । चकुंदर में फोलिक एसिड, ऑयरन, ज़िंक, मैग्निशियम, पोटाशियम, फाईबर, विटामिन सी, और कार्बोहाइड्रेट का भण्डार पाया जाता है । फोलिक एसिड तो गर्भावस्था के दौरान कितना जरूरी होता है ये आपको पता ही है । और अन्य पोषक तत्वों के साथ यह शरीर में खून की कमी को भी पूरा करता है ।
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5 :- ऊर्जा का स्रोत :- एथलीटों, बोडी-बिल्डरों और मेहनत का ज्यादा काम करने वालों के लिये चकुंदर ऊर्जा का एक बहुत ही उत्तम स्रोत है । चकुंदर अथवा चकुंदर के रस का सेवन ऊर्जा की कमी को बहुत जल्दी ही पूरा करता है । जब भी ऊर्जा की जरूरत हो तो 250 मि०ली० चकुंदर के रस का सेवन किया जाना चाहिये ।
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6 :- वजन पर नियंत्रण :- चकुंदर से ऊर्जा तो प्रचुर मिलती है किंतु यह अतिरिक्त कैलोरी नही देता चूंकि इसमे फाईबर प्रचुर मात्रा में होता है । अतः जो लोग वजन घटाने के लिये किसी विशेष डाईट-चार्ट का पालन कर रहे हैं उनको अपनी डाईट में चकुंदर का प्रयोग भी जरूर करना चाहिये ।
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7 :- रक्त को शुद्ध करता है :- चकुंदर के सेवन से शरीर में रक्त बढ़ता है ये तो सभी जानते हैं किंतु चकुंदर के सेवन से रक्त शुद्ध भी होता है । चकुंदर में उप्लब्ध विटामिन रक्त को शुद्ध करने में बहुत प्रभावकरी होते हैं, बस चकुंदर को अपनी नियमित डाईट में शामिल कीजिये ।
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8 :- डैण्ड्रफ को खत्म करे :- चकुंदर के रस में डैण्ड्रफ को खत्म करने का बहुत ही अच्छा गुण पाया जाता है । इसमे उप्लब्ध फॉस्फोरस और पोटाशियम के तत्व डैण्ड्रफ को साफ कर देते हैं । जिन मित्रों को डैण्ड्रफ की समस्या रहती हो वो मित्र सप्ताह में 3 बार चकुंदर का ताजा निकाला गया जूस, नहाने से आधा घण्टा पहले बहुत अच्छी तरह से लगा लें और फिर किसी अच्छे शैम्पू से धो लें । यह प्रयोग बालों की सेहत को भी सुधारता है ।
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“विशेष नोट” :- चकुंदर के सेवन से मधुमेह के रोगियो को शुगर का स्तर बढ़ता हुया देखा गया है । अतः मधुमेह के रोगी चकुंदर का सेवन अपने चिकित्सक की सलाह से करें ।

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प्रकाशित आयुर्वेद के सौजन्य से दी गयी यह जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर कीजियेगा ।

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2 Comments


  1. // Reply

    Very educational& daily useful,please make me a member of ur all publications thanks


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